
पत्रकारों पर दर्ज फर्जी एफआईआर की उच्चस्तरीय जांच हो – आईरा अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संगठन की मांग
IK. Khan राजा खान रिपोर्टर-देश 24 लाइव न्यूज़ जिला बालोद (छ.ग.) मो.9174400910/9406415286
छत्तीसगढ़ में पत्रकारों पर दर्ज कथित फर्जी एफआईआर मामलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संगठन आईरा (इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन) ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने राज्य के डीजीपी, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से मांग की है कि ऐसे सभी मामलों की जांच आईपीएस स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों से कराई जाए तथा दोषी पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। 
हेमंत वर्मा ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि जब कोई पत्रकार भ्रष्टाचार, प्रशासनिक खामियों या पुलिस विभाग की सच्चाई उजागर करता है, तो वह संबंधित अधिकारियों की आंखों में खटकने लगता है। इसके बाद उसे फर्जी प्रकरणों में फंसाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई पत्रकार इस प्रकार के मामलों का शिकार हुए हैं, लेकिन न्याय प्रक्रिया में देरी के कारण उन्हें समय पर राहत नहीं मिल पाती।
उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि पत्रकारों से जुड़े मामलों में राज्य के डीजीपी को सीधे संज्ञान लेना चाहिए और संबंधित जिले के एसपी को निगरानी में जांच करनी चाहिए, लेकिन छत्तीसगढ़ में इन निर्देशों का समुचित पालन नहीं हो रहा है।
आईरा संगठन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मांग की है कि पत्रकारों पर दर्ज सभी संदिग्ध एफआईआर की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता एवं भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने यह भी मांग उठाई कि किसी भी पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से पहले उच्चस्तरीय जांच अनिवार्य की जाए, ताकि निष्पक्ष पत्रकारिता पर अनावश्यक दबाव न बने। इस पूरे मामले में भारतीय प्रेस परिषद से भी हस्तक्षेप करने तथा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की मांग की गई है।
इस मांग में संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष बोधन भट्ट, प्रदेश महासचिव विमल जैन एवं प्रदेश सचिव निलेश श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी समर्थन जताया है।


